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बड़हरा।भोजपुर। बड़हरा प्रखंड स्थित भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) का गोदाम शनिवार के दिन लगभग 12 बजे बिना सहायक महाप्रबंधक (एजीएम) के ही संचालित किया जा रहा था। एजीएम जैसे महत्वपूर्ण पद के समय सारणी के बहुत देर बाद रिक्त रहने से गोदाम की प्रशासनिक व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह गोदाम क्षेत्र में सरकारी अनाज भंडारण और वितरण की अहम कड़ी है, जिससे हजारों राशन कार्डधारियों का सीधा संबंध जुड़ा हुआ है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, एजीएम के अभाव में गोदाम का संचालन निचले स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों के भरोसे चल रहा है। इससे अनाज की आवक-जावक, भंडारण, गुणवत्ता जांच और रिकॉर्ड संधारण जैसे कार्यों में लापरवाही की आशंका बनी रहती है। कई बार ट्रकों की अनलोडिंग और डिस्पैच में अनियमितता की शिकायतें भी सामने आई हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी के अभाव में इन मामलों पर ठोस कार्रवाई नहीं हो पाती।
क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि एफसीआई गोदाम में एजीएम की तैनाती अनिवार्य है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर तत्काल नियंत्रण किया जा सके। उनका मानना है कि उच्च पदाधिकारी की अनुपस्थिति से कर्मचारियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं रह पाता, जिससे भ्रष्टाचार और अनियमितता की संभावना बढ़ जाती है।
इधर, आम जनता भी इस स्थिति से चिंतित है। राशन उपभोक्ताओं का कहना है कि गोदाम की व्यवस्था कमजोर होने का सीधा असर सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर पड़ता है। यदि अनाज की आपूर्ति समय पर नहीं होगी या गुणवत्ता प्रभावित होगी, तो इसका खामियाजा गरीब परिवारों को भुगतना पड़ेगाओ।स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और एफसीआई मुख्यालय से मांग की है कि बड़हरा एफसीआई गोदाम में शीघ्र एजीएम की नियुक्ति की जाए। ताकि गोदाम का संचालन सुचारू रूप से हो सके और सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक सही ढंग से पहुंचे। अधिकारियों की शीघ्र पहल से ही इस महत्वपूर्ण संस्थान की साख और व्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है। प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी मनीषा सिंह ने बताया की बिना एजीएम की उपस्थिति में गोदाम का ताला नहीं खोलना है ।इसमें एजीएम का घोर अनियमितता और लापरवाही है।





















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