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ठंड में बीमारियां काफी तेजी से फैलती हैं। ऐसे में सभी अभिभावक अपने बच्चों और बुजुर्गो का विशेष रूप से ध्यान रखें। उक्त बातें मशरक के महाराणा प्रताप चौंक के पास कमालवती सदन में चिकित्सक डॉ राकेश ने विशेष बातचीत के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि ठंड में इन्फ्लूएंजा, निमोनिया, कोल्ड डायरिया, लूज मोशन, वोमिटिंग आदि तरह की बीमारियां बहुत सारे बच्चों को लापरवाही के कारण हो जाती है। ऐसे में माता-पिता अपने बच्चों बुजुर्गों को सुबह या शाम में जरूरत नहीं होने पर घर से बाहर नहीं निकलने दें। साथ ही उन्हें अच्छी तरह से गर्म कपड़े, टोपी आदि पहना कर रखें ताकि वह स्वस्थ रहें। डॉ राकेश ने कहा कि बच्चों को बाहर की चीज या ठंडे आइसक्रीम आदि से इस मौसम में परहेज करना चाहिए। अभिभावकों को उन्हें गर्म सूप या गर्म भोजन देना चाहिए। उन्होंने कहा कि लगभग एक या दो माह के बच्चों में सर्दी खांसी की समस्या दूसरों से जल्दी हो जाती है। ऐसे में बेवजह छोटे बच्चों के संपर्क में नहीं रहे। वहीं बच्चों को किस करने से भी परहेज करें क्योंकि छोटे बच्चों में खांसी होने के बाद दवा भी असर बहुत कम करता है और सीरियस होने के बाद बच्चों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ता है। डॉ राकेश ने सभी अभिभावकों से आग्रह किया है कि वह ठंड में अपने बच्चों के लिए ब्लोअर का इस्तेमाल न करें क्योंकि यह हवा में नमी को खत्म कर देता है और इससे काफी समस्या हो सकती है। उन्होंने कहा कि ब्लोअर की जगह आप रूम हीटर का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह सुरक्षित है लेकिन पूरी रात इसका इस्तेमाल नहीं करें क्योंकि कई बार रात में सोते समय रूम हीटर के कारण आग लगने की भी संभावना रहती है। डॉ राकेश ने कहा कि ठंड में बच्चों को गुनगुने पानी से नहाना चाहिए। अगर तापमान ज्यादा कम है तो जरूरी नहीं है कि उन्हें प्रतिदिन स्नान कराया जाए। नहाने के बाद बच्चों के बाल को अच्छी तरह से सुखा देना चाहिए। इसके बाद उन्हें गर्म कपड़े पहना कर ही घर से बाहर निकाले। उन्होंने कहा कि ज्यादा दिनों तक बच्चों को नहीं नहाने के कारण स्कीन से संबंधित बीमारी होने का खतरा भी बन जाता है। ऐसे में ठंड को ध्यान में रखते हुए बच्चों को समय-समय पर स्नान करवाते रहें। वहीं उन्होंने कहा कि इन दिनों दिन का तापमान बढ़ जा रहा है जिसमें गर्मी लगनें से कपड़े कम हो जा रहें हैं वहीं अचानक शाम में ठंड बढ़ जा रही है इससे ठंड लगनें, स्ट्रोक समेत अन्य समस्याएं सामने आ रही है। इसलिए ऐसे बदलाव के मौसम में विशेष ध्यान रखना हैं।





















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