जिलाधिकारी ने नमामि गंगे परियोजना के लिए बुलाई बैठक।

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- रिवर फ्रंट डेवेलपमेंट के लिये उपयुक्त स्थलों का चयन कर प्रस्ताव देने का निदेश।

छपरा, 06 जनवरी जिलाधिकारी श्री वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आज नमामि गंगे परियोजना की बैठक आहुत की गई।

   सबसे पहले जिलाधिकारी ने इस परियोजना के तहत किये गए एवं किये जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी ली।

     बुडको के कार्यपालक अभियंता द्वारा बताया गया कि इस परियोजना के तहत मांझी में अटल घाट के विकास का कार्य किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने अन्य उपयुक्त स्थलों पर भी नदी घाट के विकास (रिवर फ्रंट डेवेलपमेंट) से संबंधित प्रस्ताव तैयार करने का निदेश दिया। इसमें भव्य आरती के लिये भी प्लेटफॉर्म की योजना को समाहित करने को कहा गया।

     विद्युत शवदाह गृह के निर्माण के लिये भी विभिन्न नगर निकायों में उपयुक्त जमीन चिह्नित करने को कहा गया। सभी नगर निकायों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के निर्माण के लिये उपयुक्त ज़मीन चिन्हित करने को कहा गया। वर्तमान में छपरा एवं सोनपुर में STP क्रियाशील है। बताया गया कि छपरा STP में प्रतिदिन 100-200 किलोग्राम सॉलिड स्लज निकल रहा है। इसका उपयोग वेर्मिकम्पोस्ट के रूप में किया जा सकता है। इसकी जाँच कराकर आवश्यक प्रमाणीकरण की कार्रवाई 15 दिनों में सुनिश्चित कराने का निदेश जिला कृषि पदाधिकारी को दिया गया। 

   नगर निगम छपरा द्वारा श्यामचक में मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी की योजना पर कार्य किया जा रहा है। नगर आयुक्त ने बताया कि इसकी निविदा प्रक्रियाधीन है। इस फैसिलिटी के क्रियाशील होने से सॉलिड कचरे के विभिन्न अवयवों का पृथकीकरण किया जा सकेगा, जिससे कचरे के निस्तारण में सहूलियत होगी।

  जिलाधिकारी ने सिंगल यूज प्लास्टिक के विरुद्ध सभी नगर निकायों में निरंतर छापेमारी अभियान चलाने का निदेश दिया। पेयजल की गुणवत्ता को लेकर इसकी निरंतर लैब टेस्टिंग सुनिश्चित कराने का निदेश पीएचईडी को दिया गया।

     बैठक में नगर आयुक्त, प्रभारी उपविकास आयुक्त, निदेशक एनईपी, जिला पंचायतराज पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता बुडको, कार्यपालक अभियंता पीएचईडी, विभिन्न नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी, वन विभाग के पदाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।