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- अगले वित्तीय वर्ष के लिए संभावित योजना तैयार करने का जिलाधिकारी ने दिया निदेश।
- कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के लिये आगामी 5-10 वर्षों के लिये सुविधाओं में गुणात्मक सुधार को लेकर कार्य योजना करें तैयार: डीएम।
छपरा, सारण 27 फरवरी, 2025 जिलाधिकारी श्री अमन समीर के अध्यक्षता में आज शिक्षा विभाग के कार्यकारिणी की बैठक आहूत की गई।
बैठक में वर्तमान वित्तीय वर्ष 2024-25 में विभिन्न घटकों में किए गए बजट प्रावधान एवं संबंधित मदों में किए गए व्यय पर चर्चा की गई। वर्तमान वित्तीय वर्ष में समग्र शिक्षा के लिए सारण जिला के लिए किए गए 283 करोड़ के बजट प्रावधान के विरुद्ध अद्यतन 160 करोड़ रुपये का व्यय किया गया है। यह प्रावधान एवं व्यय विभिन्न घटकों यथा- आरटीई इएनटाइटलमेंट, एक्सेस एंड रिटेंशन, क्वालिटी इंटरवेंशन, टीचर्स एजुकेशन, फाइनेंशियल सपोर्ट फॉर टीचर्स, जेंडर एंड इक्विटी आदि के तहत किए गए हैं। जिलाधिकारी इन सभी घटकों के अंतर्गत अलग-अलग मदों के लिए किए गए बजट प्रावधान एवं तत्सम्बन्धी व्यय का विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
अगले वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए संभावित योजना तैयार करने का भी निर्देश दिया। अतिरिक्त वर्ग कक्ष निर्माण एवं शौचालय की आवश्यकता का पूर्व में ही आकलन करते हुए संबंधित विद्यालयों को चिन्हित कर निविदा की प्रक्रिया को क्रियान्वित करने को कहा गया ताकि राशि की उपलब्धता होते ही वास्तविक कार्य जल्दी से कराया जा सके।
आरटीई (राइट टू एजुकेशन एक्ट) के अनुपालन को लेकर सभी संबंधित निजी विद्यालयों की नियमित रूप से जांच सुनिश्चित करने को कहा गया। क्वालिटी इंटरवेंशन के तहत कुछ विद्यालयों को चिन्हित कर उनमें आदर्श आईसीटी लैब की स्थापना हेतु पहल करने को कहा गया। जेंडर एंड इक्विटी घटक के तहत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के संचालन से संबंधित व्यय किया जाता है। इस संबंध में इन विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं को उपलब्ध सुविधाओं में बढ़ोतरी एवं गुणात्मक सुधार लाने हेतु आगामी 5-10 वर्षों की आवश्यकताओं का आकलन करते हुए कार्य योजना तैयार करने को कहा गया। जिसे प्राथमिकता के आधार पर चरणबद्ध ढंग से क्रियान्वित किया जा सकेगा। बताया गया कि जिला के 178 विद्यालयों में इंटीग्रेटेड साइंस/ मैथमेटिक्स लैब की स्थापना हेतु कार्रवाई की जा रही है।
बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, शिक्षा विभाग के अन्य पदाधिकारी तथा समिति के अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।